छत्तीसगढ़: आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ी सामाज पार्टी ने दिखाए काले झंडे, किया जोरदार विरोध प्रदर्शन
रायपुर / अशोक सिंह चौहान , 26 जून:
प्रदर्शन का नेतृत्व छत्तीसगढ़ी सामाज पार्टी की प्रदेश इकाई ने किया। मौके पर पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने भारत में 1975 में तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी द्वारा लगाए गए आपातकाल को देश के लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताते हुए कहा कि यह दिन भारत के इतिहास का काला अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।
आज 26 जून को छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर छत्तीसगढ़ी सामाज पार्टी द्वारा जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। यह प्रदर्शन शहर के प्रमुख स्थल जयस्तंभ चौक पर आयोजित किया गया, जहां कार्यकर्ताओं ने काले झंडे लहराते हुए लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की।

प्रमुख बातें:
प्रदर्शनकारियों ने 50 मोमबत्तीयाँ जलाकर एवं काले झंडे काला झंडा लहराते कार्यकर्ताओं ने शारदा चौक फूल चौक होते हुए हांडीपारा छत्तीसगढ़ी भवन पहुंचे छत्तीसगढ़ी भवन में कार्यकर्ताओं को श्री जागेश्वर प्रसाद, ओमप्रकाश साहू एवं श्यामू राम सेन ने संबोधित किया। जयस्तंभ चौक पर हाथों में तख्तियां और बैनर लिए दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे। प्रदर्शन के दौरान “लोकतंत्र जिंदाबाद”, “आपातकाल मुर्दाबाद” जैसे नारे गूंजते रहे। पार्टी नेताओं ने कहा कि आज भी देश में लोकतंत्र को बचाने की जरूरत है।
छत्तीसगढ़ी सामाज पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने मीडिया से बातचीत में कहा,
“आपातकाल केवल एक तारीख नहीं, बल्कि उस तानाशाही सोच की याद दिलाता है जिसने देश की जनता की आवाज को कुचलने का प्रयास किया। हम आज भी उस मानसिकता के खिलाफ खड़े हैं।”
प्रशासन द्वारा प्रदर्शन को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए मौके पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि प्रदर्शन पूरी तरह शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से संपन्न हुआ।